FPI की वापसी: अगस्त में 29,631 करोड़ का निवेश, 23 महीनों में सबसे बड़ा उछाल, फिर भी 2026 अभी तक घाटे में क्यों?

FPI Inflow India August 2026 Foreign Investors

FPI भारतीय शेयर बाजार को लेकर इस हफ्ते एक अच्छी खबर सामने आई है. Foreign Portfolio Investors (FPI) यानी विदेशी निवेशकों ने अगस्त 2026 में भारतीय शेयरों में जमकर पैसा लगाया है, और यह पिछले 23 महीनों का सबसे बड़ा मासिक निवेश है.

कितना पैसा आया?

NSDL (National Securities Depository) के आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त में FPIs ने भारतीय इक्विटी मार्केट में 29,631 करोड़ (करीब $3.1-3.2 बिलियन) का शुद्ध निवेश किया. यह सितंबर 2024 के बाद का सबसे बड़ा मासिक आंकड़ा है.

खास बात यह है कि यह लगातार दूसरा महीना है जब विदेशी निवेशकों ने खरीदारी की है. जुलाई में भी 20,200 करोड़ का निवेश हुआ था. यानी जुलाई और अगस्त मिलाकर कुल 49,831 करोड़ का निवेश आया, जो 2026 में पहली बार लगातार दो महीने हुई खरीदारी है.

यह बदलाव क्यों आया?

इसके पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं

  1. मजबूत तिमाही नतीजे – Nifty 50 कंपनियों ने पिछले 10 तिमाहियों में सबसे तेज मुनाफा वृद्धि दर्ज की है, जिसके बाद Motilal Oswal और PhillipCapital जैसी बड़ी ब्रोकरेज फर्मों ने अपने Earnings Estimates बढ़ा दिए.
  2. रुपये को RBI का सहारा – भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने रुपये को स्थिर रखने के लिए कई कदम उठाए, जिससे विदेशी निवेशकों का भरोसा बढ़ा.
  3. आकर्षक Valuations – घरेलू मांग मजबूत बने रहने और शेयरों की कीमतें अपेक्षाकृत सही स्तर पर होने से भी निवेश को बढ़ावा मिला.

लेकिन पूरी तस्वीर इतनी आसान नहीं है

यहां एक जरूरी बात समझनी होगी – भले ही अगस्त का आंकड़ा अच्छा हो, लेकिन 2026 अभी भी विदेशी निवेशकों के लिए मुश्किल साल रहा है. पूरे साल का हिसाब लगाएं तो अब तक कुल $24.6 बिलियन की शुद्ध निकासी (Net Outflow) हो चुकी है, जो भारत के इतिहास में सबसे बड़ी सालाना निकासी की ओर इशारा करती है.

इसकी एक बड़ी वजह यह भी है कि साल की शुरुआत में कई विदेशी निवेशकों ने अपना पैसा Taiwan और South Korea जैसे देशों की तरफ मोड़ा, जहां AI से जुड़ी कंपनियां ज्यादा हैं.

कहां लगा ज्यादा पैसा, कहां से निकला?

दिलचस्प बात यह है कि हर सेक्टर को समान रूप से फायदा नहीं मिला

  • Consumer Services और Financial Services सेक्टर में सबसे ज्यादा खरीदारी हुई
  • वहीं Telecom सेक्टर से लगातार पैसा निकलता रहा, अगस्त में ही 4,983 करोड़ की निकासी हुई
  • Power सेक्टर से भी 2,641 करोड़ निकाले गए

यानी सिर्फ हेडलाइन आंकड़ा देखकर यह मान लेना गलत होगा कि “सारे सेक्टर्स में विदेशी पैसा आ रहा है” असल में निवेशक अब पहले से ज्यादा चुनिंदा (Selective) होकर निवेश कर रहे हैं.

निवेशकों के लिए क्या सीख है?

इस खबर से एक जरूरी सबक मिलता है, सिर्फ “FPI Inflow बढ़ा” या “FPI Outflow हुआ” जैसी हेडलाइन देखकर घबराने या खुश होने के बजाय, यह समझना ज्यादा जरूरी है कि पैसा किन सेक्टर्स में आ-जा रहा है। यही जानकारी दीर्घकालिक निवेश निर्णयों में असली मदद करती है.

Disclaimer: ऊपर दी गई जानकारी सामान्य जानकारी के लिए है, यह निवेश सलाह नहीं है. शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है. कोई भी निर्णय लेने से पहले SEBI Registered Financial Advisor से सलाह जरूर लें.

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